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15 माह के बचà¥à¤šà¥‡ की पोषण संबंधी आवशà¥à¤¯à¤•ताà¤à¤‚
15 महीने के बचà¥à¤šà¥‡ के लिठपोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ की आवशà¥à¤¯à¤•ताà¤à¤‚ वà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤• होती हैं। à¤à¤²à¥‡ ही उसके à¤à¥‹à¤œà¤¨ की मातà¥à¤°à¤¾ कम हो लेकिन उसमें सà¤à¥€ पà¥à¤°à¤®à¥à¤– पोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ का उचित मातà¥à¤°à¤¾ में मौजूद होना आवशà¥à¤¯à¤• है।
1. सहायक पोषक ततà¥à¤µ
कम à¤à¥‹à¤œà¤¨ के सेवन से, लघॠपोषक ततà¥à¤µ जैसे पà¥à¤°à¥‹à¤¬à¤¾à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤•à¥à¤¸, ओमेगा-3 à¤à¤¸à¤¿à¤¡ की कमी होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ बॠजाती है जबकि इसका आवशà¥à¤¯à¤• अनà¥à¤ªà¤¾à¤¤ अधिक होना चाहिठहै। इसलिà¤, यह ततà¥à¤µ बचà¥à¤šà¥‡ के आहार में शामिल हैं या नहीं इस पर जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ देने की आवशà¥à¤¯à¤•ता है।
2. पानी
पानी को बचà¥à¤šà¥‡ के à¤à¥‹à¤œà¤¨ में शामिल करना अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• आवशà¥à¤¯à¤• है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि अधिकांश बचà¥à¤šà¥‡ उतना पानी नहीं पीते जितना उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ पीना चाहिà¤à¥¤ दिन à¤à¤° में आपके बचà¥à¤šà¥‡ को कम से कम à¤à¤• लीटर पानी पीना चाहिà¤à¥¤
3. लौह ततà¥à¤µ (आयरन)
जैसे-जैसे आपका बचà¥à¤šà¤¾ बड़ा होता है अनà¥à¤¯ खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ से उसकी लौह ततà¥à¤µ की आवशà¥à¤¯à¤•ता बहà¥à¤¤ अधिक बॠजाती है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि आयरन के पà¥à¤°à¤¾à¤¥à¤®à¤¿à¤• सà¥à¤°à¥‹à¤¤, माठके दूध पर अब उसकी निरà¥à¤à¤°à¤¤à¤¾ धीरे-धीरे कम होने लगती है। सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करें कि आपके बचà¥à¤šà¥‡ को उसके à¤à¥‹à¤œà¤¨ से पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¦à¤¿à¤¨ 7 मि.गà¥à¤°à¤¾. लौह ततà¥à¤µ मिले।
4. सोडियम
हमें सोडियम पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करने वाला पà¥à¤°à¤®à¥à¤– खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ नमक है। हालांकि आम तौर पर अनà¥à¤¯ खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ से बचà¥à¤šà¥‡ की सोडियम की सामानà¥à¤¯ आवशà¥à¤¯à¤•ता पूरी हो सकती है, लेकिन जिन घरों में नमक का कम उपयोग किया जाता है, उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ इस बात का अतिरिकà¥à¤¤ धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखना चाहिà¤à¥¤
5. रेशा यà¥à¤•à¥à¤¤ आहार
रेशा यà¥à¤•à¥à¤¤ आहार लेने से यह आपके बचà¥à¤šà¥‡ के शौच और उचित पाचन को बनाठरखने में मदद करता है जिसका अरà¥à¤¥ है कि आपका बचà¥à¤šà¤¾ वासà¥à¤¤à¤µ में तमाम पोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ से मिलने वाले लाठअचà¥à¤›à¥‡ से पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ कर रहा है। आहार में रेशा यà¥à¤•à¥à¤¤ à¤à¥‹à¤œà¤¨ शामिल करने से न शरीर के बाकी हिसà¥à¤¸à¥‹à¤‚ को à¤à¥€ बेहतर तरीके से काम करने में मदद मिलती है।
6. कारà¥à¤¬à¥‹à¤¹à¤¾à¤‡à¤¡à¥à¤°à¥‡à¤Ÿ
ये ऊरà¥à¤œà¤¾ का सबसे बड़ा सà¥à¤°à¥‹à¤¤ होता है और यह आपके बचà¥à¤šà¥‡ के किसी à¤à¥€ à¤à¥‹à¤œà¤¨ का मà¥à¤–à¥à¤¯ à¤à¤¾à¤— à¤à¥€ होता हैं। कारà¥à¤¬à¥‹à¤¹à¤¾à¤‡à¤¡à¥à¤°à¥‡à¤Ÿ की आपूरà¥à¤¤à¤¿ में कमी नहीं होनी चाहिठकà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ शारीरिक पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤à¤‚ इस पर निरà¥à¤à¤° करती हैं ।
7. पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨
जो परिवार शाकाहारी हैं उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ इस बात की चिंता हो सकती है कि वह अपने बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ की आवशà¥à¤¯à¤• मातà¥à¤°à¤¾ कैसे पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करें। जबकि मांस में पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ की परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ मातà¥à¤°à¤¾ पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करने की बेहतरीन कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ होती, वहीं शाकाहारी खाने में à¤à¥€ कई सारे à¤à¤¸à¥‡ विकलà¥à¤ª हैं जो अचà¥à¤›à¤¾ पोषण पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करने की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ रखते हैं।
8. कैलोरी
आपके बचà¥à¤šà¥‡ की वृदà¥à¤§à¤¿ दर शायद उतनी तीवà¥à¤° नहीं होगी जितनी कि उसके शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ दिनों में हà¥à¤† करती था। बचà¥à¤šà¥‡ को पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¦à¤¿à¤¨ लगà¤à¤— à¤à¤• किलो कैलोरी या उससे अधिक की आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है, जो साल बीतने के साथ धीरे-धीरे बà¥à¤¤à¥€ जाती है।
कैलोरी
15 माह के बचà¥à¤šà¥‡ के लिठकितना à¤à¥‹à¤œà¤¨ जरूरी है?
आपके बचà¥à¤šà¥‡ की शारीरिक गतिविधियों और मेटाबोलिजà¥à¤® के आधार पर, à¤à¤• बचà¥à¤šà¥‡ के à¤à¥‹à¤œà¤¨ की आवशà¥à¤¯à¤•ताà¤à¤‚ पहले कà¥à¤› वरà¥à¤·à¥‹à¤‚ के à¤à¥€à¤¤à¤° 1000 से 1400 कैलोरी की सीमा तक रहती हैं। इसलिà¤, बचà¥à¤šà¥‡ को उचित पोषण देने के लिठनाशà¥à¤¤à¥‡ और à¤à¥‹à¤œà¤¨ के विकलà¥à¤ªà¥‹à¤‚ को à¤à¤• साथ संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ करके देने की जरूरत होती है।
15 माहके बचà¥à¤šà¥‡ के लिठसरà¥à¤µà¤¶à¥à¤°à¥‡à¤·à¥à¤ खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥
आपके बचà¥à¤šà¥‡ के लिठकà¥à¤› à¤à¤¸à¥‡ विशिषà¥à¤Ÿ खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ हैं जो उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ जरà¥à¤°à¥€ पोषण पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करते हैं ।
1. मांस
यह जानना महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ है कि छोटे बचà¥à¤šà¥‡ बड़ों की तरह मांस के बड़े टà¥à¤•ड़े नहीं खा सकते हैं। उनकी उमà¥à¤° के लिठपà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ की आवशà¥à¤¯à¤•ता बिना चरà¥à¤¬à¥€ वाले मांस, यानि नरम मछली, चिकन के छोटे टà¥à¤•ड़े जैसे विकलà¥à¤ªà¥‹à¤‚ को आप अपने बचà¥à¤šà¥‡ के खाने के लिठचà¥à¤¨ सकती हैं। इस बात का खास खयाल रखें कि अपने बचà¥à¤šà¥‡ के आहार में समà¥à¤¦à¥à¤°à¥€ खादà¥à¤¯ को शामिल करते समय सावधानी बरतें।
2. फलियां और मेवे आदि
जबकि अंडे आपके बचà¥à¤šà¥‡ कोपà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ और वसा पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करने के लिठà¤à¤• बेहतरीन विकलà¥à¤ª हैं,वहीं शाकाहारी लोगों के लिठफलियां और मेवे आदि à¤à¤• अचà¥à¤›à¤¾ विकलà¥à¤ª होते हैं। आप अपने बचà¥à¤šà¥‡ को साबà¥à¤¤ मेवे न दें कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि यह खाते वकà¥à¤¤ गले में अटक à¤à¥€ सकते हैं । तथापि à¤à¤®à¥‡à¤µà¥‡ डालकर बनाठगठखादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ को देने में कोई समसà¥à¤¯à¤¾ नहीं है।
3. सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚
इस उमà¥à¤° के आसपास अधिकांश बचà¥à¤šà¥‡ सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का सेवन करना शà¥à¤°à¥‚ कर देते हैं । हालांकि कà¥à¤› à¤à¥€ चबाकर खाना अà¤à¥€ à¤à¥€ उनके लिठथोड़ा मà¥à¤¶à¥à¤•िल हो सकता है इसलिठउनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ नरम करने के लिठया तो उबाल लें या फिर à¤à¤¾à¤ª पर पकाà¤à¤‚। तली हà¥à¤ˆ सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ से बचें और विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ पà¥à¤°à¤•ार के à¤à¤¸à¥‡ विकलà¥à¤ª चà¥à¤¨à¥‡à¤‚ जिससे आपके बचà¥à¤šà¥‡ को वह सà¥à¤µà¤¾à¤¦à¤¿à¤·à¥à¤Ÿ लग सके।
सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚
4. अनाज
माता-पिता को खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ को चà¥à¤¨à¤¾à¤µ करते समय à¤à¤¸à¥‡ अनाजों को बचà¥à¤šà¥‡ के आहार में शामिल करना चाहिठजो छिलके सहित हों, ताकि वे अपने बचà¥à¤šà¥‡ की पोषण संबंधी आवशà¥à¤¯à¤•ताओं की आसानी से पूरà¥à¤¤à¤¿ कर सकें। ये विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ किसà¥à¤® की रोटियों, चावल और पासà¥à¤¤à¤¾ में हो सकती है। दूसरी ओर, कृतà¥à¤°à¤¿à¤® मिलावट के बगैर अतिरिकà¥à¤¤ पोषक ततà¥à¤µ मिलाकर बनाया गया आहार à¤à¤• उतà¥à¤•ृषà¥à¤Ÿ चयन है।
5. फल
फल न केवल आपके बचà¥à¤šà¥‡ को अनà¥à¤¯ खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में सà¥à¤µà¤¾à¤¦ की à¤à¤• अलग शà¥à¤°à¥‡à¤£à¥€ पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करते हैं, बलà¥à¤•ि उनमें पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक रेशा की मौजूदगी उनके पाचन तंतà¥à¤° को बेहतरकरने के साथ-साथ विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ विटामिनों की वृदà¥à¤§à¤¿ में à¤à¥€ मदद करती है।
6. नाशà¥à¤¤à¤¾
हालांकि आपका बचà¥à¤šà¤¾ बिसà¥à¤•à¥à¤Ÿ या टोसà¥à¤Ÿ के छोटे टà¥à¤•ड़ों को चबा सकता है, लेकिन इतनी कम आयॠसे à¤à¤°à¤ªà¥‚र चीनी यà¥à¤•à¥à¤¤ किसी à¤à¥€ पà¥à¤°à¤•ार के उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¥‹à¤‚ को देने से बचना चाहिà¤à¥¤ बचà¥à¤šà¥‡ के खाने की इचà¥à¤›à¤¾ को संतृपà¥à¤¤ करने के लिठचीज़ आधारित वसà¥à¤¤à¥à¤“ं या à¤à¤¾à¤ª पर पकाई हà¥à¤ˆ सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का उपयोग करें।
नाशà¥à¤¤à¤¾
7. तेल
15 महीने के बचà¥à¤šà¥‡ को वसा की आवशà¥à¤¯à¤•ता किसी और ततà¥à¤µ की तà¥à¤²à¤¾à¤¨à¤¾ में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होती है। यह à¤à¤• पà¥à¤°à¤•ार से उनके लिठऊरà¥à¤œà¤¾ का सà¥à¤°à¥‹à¤¤ है जो उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ फà¥à¤°à¥à¤¤à¥€à¤²à¤¾ बनाठरखता है। उन तेलों का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² न करें जिसमें नकली वसा का उपयोग किया गया हो न हो या फिर आप मकà¥à¤–न का उपयोग कर सकती हैं।
8. दà¥à¤—à¥à¤§ उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦
इस उमà¥à¤° में बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठà¤à¥‹à¤œà¤¨ में पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ और कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® का संयोजन अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• आवशà¥à¤¯à¤• होता है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि अब उनकी हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ और मांसपेशियों को मजबूत होने की जरूरत होती है। आप अपने बचà¥à¤šà¥‡ के आहार में शà¥à¤¦à¥à¤§ दूध और थोड़ा दही शामिल करें।
9. फलों का रस
हालांकि अगर आपका बचà¥à¤šà¤¾ फलों के रस के बजाय सिरà¥à¤« फल खाठतो यह उसके लिठजà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ फायदेमंद रहेगा, लेकिन फिर à¤à¥€ à¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ पà¥à¤°à¤•ार के रसों को उसके आहार में शामिल करने से यह उसके लिठलाà¤à¤¦à¤¾à¤¯à¤• हो सकता है किनà¥à¤¤à¥ इसे केवल तब ही दें जब यह ताजा हो और अपà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक न हो।साथ ही यह à¤à¥€ खà¥à¤¯à¤¾à¤² रखें कि बचà¥à¤šà¥‡ को पानी के विकलà¥à¤ª के रूप में जूस न देंरें।
फलों का रस
10. मलà¥à¤Ÿà¥€à¤µà¤¿à¤Ÿà¤¾à¤®à¤¿à¤¨
शरीर की संरचना और परिवार की जीवन शैैैली के कारण बचà¥à¤šà¥‡ में पोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ की कमी हो सकती है। इस तरह के परिदृशà¥à¤¯ में मलà¥à¤Ÿà¥€à¤µà¤¿à¤Ÿà¤¾à¤®à¤¿à¤¨ शामिल किया जाना चाहिठजो किसी à¤à¥€ आहार की कमी को पूरा कर सकता है।
15 माह के बचà¥à¤šà¥‡ के लिठà¤à¥‹à¤œà¤¨ सारणी
15 महीने के बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठà¤à¥‹à¤œà¤¨ की सारणी बनाना कोई आसान नहीं है। इसलिठनीचे दी गई अनà¥à¤¸à¥‚ची की सहायता लेकर आप अपने बचà¥à¤šà¥‡ के लिठà¤à¤• अनà¥à¤•ूल à¤à¥‹à¤œà¤¨ सारणी बना सकती हैं।
दिन सà¥à¤¬à¤¹ का नाशà¥à¤¤à¤¾ देर सà¥à¤¬à¤¹ का नाशà¥à¤¤à¤¾ दोपहर का à¤à¥‹à¤œà¤¨ शाम का नाशà¥à¤¤à¤¾ रात का à¤à¥‹à¤œà¤¨
सोमवार सेब के साथ ओटà¥à¤¸ का दलिया तरबूज के टà¥à¤•ड़े पनीर सैंडविच संतरे की फांकें पनीर पराठा
मंगलवार उपमा सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के छोटे टà¥à¤•ड़े हरी फलियों के साथ दाल चावल दूध और कॉरà¥à¤¨à¤«à¥à¤²à¥‡à¤•à¥à¤¸ मसाला डोसा
बà¥à¤§à¤µà¤¾à¤° सादा डोसा चीकू के टà¥à¤•ड़े दही के साथ पà¥à¤²à¤¾à¤µ मिलà¥à¤•शेक पालक की खिचड़ी
गà¥à¤°à¥‚वार शकरकंद की खीर तले हà¥à¤ आलू नूडलà¥à¤¸ यà¥à¤•à¥à¤¤ चिकन सूप सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤¬à¥‡à¤°à¥€ शेक मसूर की खिचड़ी
शà¥à¤•à¥à¤°à¤µà¤¾à¤° सूजी का दलिया खीरे का सलाद मछली चावल दही मूंग दाल करी
शनिवार अंकà¥à¤°à¤¿à¤¤ मूंग दाल सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤¬à¥‡à¤°à¥€ के टà¥à¤•ड़े आलू का पराठा केले का मिलà¥à¤•शेक मिशà¥à¤°à¤¿à¤¤ सबà¥à¤œà¥€ का पराठा
रविवार इडली चटनी केले के टà¥à¤•ड़े चà¥à¤•ंदर का पराठा सà¥à¤®à¥‚दी दाल पराठा
सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करें कि बचà¥à¤šà¤¾ हर दिन कम से कम आधा कप दूध पिà¤à¥¤
15 माह के बचà¥à¤šà¥‡ के लिठवà¥à¤¯à¤‚जन विधियां
अगर अपने 15 माह के बचà¥à¤šà¥‡ के लिठकà¥à¤› अलग à¤à¥‹à¤œà¤¨ बनाने के बारे में विचार कर रही हैं तो, ये वà¥à¤¯à¤‚जन विधियां आपके बहà¥à¤¤ काम आने वाली है।
1. दही चावल
सरà¥à¤µà¥‹à¤¤à¥à¤¤à¤® लाà¤à¤¦à¤¾à¤¯à¤• à¤à¥‹à¤œà¤¨ जो आप कà¤à¥€ à¤à¥€ और कहीं पर à¤à¥€ अपने बचà¥à¤šà¥‡ को खिला सकती हैं
सामगà¥à¤°à¥€
काला चना
अदरक
करी पतà¥à¤¤à¥‡
हरी मिरà¥à¤š
लाल मिरà¥à¤š
तेल
राई
नमक
मलाई (कà¥à¤°à¥€à¤®)
दही
दूध
पके हà¥à¤ चावल
विधि
पके हà¥à¤ चावल लें और इसे अचà¥à¤›à¥€ तरह से मसल दें। इसमें दूध डालें और मिलाà¤à¤‚ । फिर इसमें दही और मलाई डालें और हिलाà¤à¤‚।
à¤à¤• बरà¥à¤¤à¤¨ लें और उसमें थोड़ा सा तेल डालें। तड़के की सà¤à¥€ सामगà¥à¤°à¥€ को à¤à¤• साथ डालें और उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ अचà¥à¤›à¥€ तरह से गरà¥à¤® करें। इसमें थोड़ा सा तेल डालें और उसमें चावल मिला दें।
दही चावल
2. खिचड़ी
बीमारी के वकà¥à¤¤ जो वयसà¥à¤•ों के लिठबेहतरीन à¤à¥‹à¤œà¤¨ होता है, वह छोटे बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठà¤à¥€ उतà¥à¤¤à¤® à¤à¥‹à¤œà¤¨ है, जो उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ बहà¥à¤¤ अचà¥à¤›à¤¾ पोषण पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करता है।
सामगà¥à¤°à¥€
काली मिरà¥à¤š का पाउडर
हलà¥à¤¦à¥€
घी
नमक
सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚
अरहर की दाल
चावल
विधि
चावल और दाल को à¤à¤• साथ लें और उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ अचà¥à¤›à¥‡ से धो लें। उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ लगà¤à¤— 30 मिनट के लिठपानी में à¤à¤¿à¤—ोकर रखें।
सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ लें और उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ ठीक से काट लें। इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ चावल-दाल के साथ कटोरे में डाल दें। फिर इसे कूकर में डालकर दो सीटी आने तक मधà¥à¤¯à¤® आंच पर पकने दें।
कà¥à¤•र के दाब को कम होने दें और जाचें कि चावल ठीक तरह से पक गया है या नहीं।
इसे कटोरे में निकाल लें और घी मिलाà¤à¤‚। सà¥à¤µà¤¾à¤¦ के लिठनमक, काली मिरà¥à¤š और हलà¥à¤¦à¥€ डालें और ठीक से मिलाà¤à¤‚।
खिचड़ी
3. पासà¥à¤¤à¤¾ खीर
आप हैरान हो गई होंगी, है ना? इस बेहतरीन वà¥à¤¯à¤‚जन के सà¥à¤µà¤¾à¤¦ से जब आपका बचà¥à¤šà¤¾ परिचित होगा तो उसे यह बेहद पसंद आà¤à¤—ा।
सामगà¥à¤°à¥€
दूध
चावल का आटा
हरी इलायची
गà¥à¤¡à¤¼ की चाशनी
पासà¥à¤¤à¤¾
पानी
विधि
à¤à¤• बरà¥à¤¤à¤¨ लें और उसमें पानी डालें। à¤à¤• उबाल आने के बाद इसमें पासà¥à¤¤à¤¾ डालें, इसे पकाà¤à¤‚ और पकने के बाद इसे अचà¥à¤›à¥€ तरह से छान लें।
दूसरा बरà¥à¤¤à¤¨ लें, उसमें घी के साथ काजू और मकà¥à¤–न डालें और अचà¥à¤›à¥€ तरह से à¤à¥‚नें। फिर उसके बाद दूध डालें और इसे उबलने दें। इसमें पासà¥à¤¤à¤¾ मिलाà¤à¤‚ और सà¤à¥€ को à¤à¤• साथ पकाà¤à¤‚।
à¤à¤• कप में दूध, पानी और चावल का आटा मिलाà¤à¤‚। जब तक यह चिकना नहीं हो जाता है तब तक इसे ठीक से मिलाते रहें। इसे कड़ाही में डालें और लगातार हिलाà¤à¤‚।
खीर के गाà¥à¥‡ हो जाने पर, इलायची के दाने और गà¥à¤¡à¤¼ की चाशनी मिला कर परोसें।
पासà¥à¤¤à¤¾ खीर
4. à¤à¥à¤¨à¥€ हà¥à¤ˆ हरी बीनà¥à¤¸
वही रोज के अरà¥à¤šà¤¿à¤•र नाशà¥à¤¤à¥‹à¤‚ के बजाय कà¥à¤› नया आज़माà¤à¤‚ जिससे आपका बचà¥à¤šà¤¾ हरी पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को खाने में रूचि ले और खà¥à¤¶à¥€ से खाठà¤à¥€ ।
सामगà¥à¤°à¥€
à¤à¤•à¥à¤¸à¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾ वरà¥à¤œà¤¿à¤¨ जैतून का तेल
नमक
हरी बीनà¥à¤¸
विधि
माइकà¥à¤°à¥‹à¤µà¥‡à¤µ के तापमान को 425 अंश तक गरम करें। 8-10 मिनट के लिठइसके अंदर à¤à¤• बरà¥à¤¤à¤¨ रखें।
à¤à¤• कटोरे में बीनà¥à¤¸ लें, इसमें थोड़ा तेल डालें और थोड़ा नमक छिड़कते हà¥à¤ इसे अचà¥à¤›à¥€ तरह से à¤à¤• साथ मिला लें ।
इन फलियों को टà¥à¤°à¥‡ में दूर-दूर रखें।
इसे कà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¾ और नरम बनाने के लिठलगà¤à¤— 10 मिनट तक ओवन में रखें।
à¤à¥à¤¨à¥€ हà¥à¤ˆ हरी बीनà¥à¤¸
5. परà¥à¤ªà¤² वेजी पà¥à¤¯à¥‚री
à¤à¤• ही रंग की पà¥à¤¯à¥‚री को देख कर बचà¥à¤šà¥‡ अकà¥à¤¸à¤° ऊब जाते हैं, जैसे ही वे इस रंगीन पà¥à¤¯à¥‚री को देखेंगे उनमें इसे खाने की इचà¥à¤›à¤¾ और बà¥à¥‡à¤—ी।
सामगà¥à¤°à¥€
पानी
नींबू का रस
फà¥à¤°à¥‹à¥›à¥‡à¤¨ पालक
बà¥à¤²à¥‚बैरी
विधि
à¤à¤• बरà¥à¤¤à¤¨ लें और उसमें पानी और पालक à¤à¤• साथ मिलाà¤à¤‚। इसमें à¤à¤• बार उबाल आने के बाद इसे 8 मिनट तक धीमी आंच परउबलने दें।
पानी को छान लें और नींबू का रस, बà¥à¤²à¥‚बैरी और पालक को à¤à¤• साथ मिलाकर पà¥à¤¯à¥‚री तैयार कर लें ।
परà¥à¤ªà¤² वेजी पà¥à¤¯à¥‚री
15 माह के बचà¥à¤šà¥‡ को खाना खिलाने हेतॠउपयोगी सà¥à¤à¤¾à¤µ
कà¥à¤› सरल यà¥à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को आज़मा कर, आप अपने बचà¥à¤šà¥‡ के खाने के तरीके को उसके लिठआसान बना सकती हैं ।
अपने परिवार के लिठबने à¤à¥‹à¤œà¤¨ में से ही अपने बचà¥à¤šà¥‡ को à¤à¥€ खाने के लिठदें, बस धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रहे कि यह मसालेदार न हो।
अपने बचà¥à¤šà¥‡ को उसके हाथों से खाने के लिठसिखाà¤à¤‚।
अपने बचà¥à¤šà¥‡ को उसका खाना जलà¥à¤¦à¥€ खतà¥à¤® करने के लिठज़ोर न दें रें।
पूरा à¤à¥‹à¤œà¤¨ चà¥à¤ªà¤šà¤¾à¤ª बैठकर खाने से बेहतर है कि उसे रà¥à¤•-रà¥à¤•कर à¤à¥‹à¤œà¤¨ करने दें।
यदि आपका बचà¥à¤šà¤¾ अचानक अपने खाने की आदतों को बदल दे तो गà¥à¤¸à¥à¤¸à¤¾ न करें।
खाने-पीने की चीज़ों का उसे आनंद लेने का पूरा अनà¥à¤à¤µ मज़ेदार बनाà¤à¤‚।
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